उत्तर प्रदेश के एटा जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां ईद का त्योहार एक परिवार के लिए गहरे मातम में बदल गया। मुंबई से गांव आए बेटे की अचानक दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई, और इस सदमे को बर्दाश्त न कर पाने पर पिता ने भी दम तोड़ दिया।
ईद मनाने मुंबई से गांव लौटा था बेटा
पुलिस के मुताबिक, जलेसर कोतवाली क्षेत्र के मकसूदपुर निवासी 40 वर्षीय जकील ईद मनाने के लिए मुंबई से अपने गांव आए थे। वह अपने 70 वर्षीय पिता रफीक खान को आगरा के अस्पताल से छुट्टी दिलाकर 19 मार्च को घर लेकर लौटे थे, जहां पूरा परिवार त्योहार की तैयारियों में जुटा था।
अचानक सीने में दर्द, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
बताया गया कि उसी रात जकील को अचानक सीने में तेज दर्द उठा। गांव के एक स्थानीय डॉक्टर ने उन्हें दवा और इंजेक्शन दिया, लेकिन इसके बाद उनकी हालत और बिगड़ गई। आनन-फानन में उन्हें जलेसर के अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
बेटे का शव देख नहीं सह पाए सदमा, पिता ने भी गंवाई जान
बेटे की मौत की खबर और उसका शव देखने के बाद पिता रफीक खान गहरे सदमे में आ गए। उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और 20 मार्च की रात करीब 10 बजे उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस दोहरी त्रासदी ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।
एक ही दिन हुआ पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार
21 मार्च को जकील की पत्नी और बच्चे मुंबई से गांव पहुंचे, जिसके बाद दोपहर में पिता और बेटे दोनों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और ईद की खुशियां गम में बदल गई हैं।
