India VIX क्या है? ईरान-अमेरिका तनाव के बीच 2 दिन में 50% उछाल, शेयर बाजार के लिए क्यों माना जाता है खतरे का संकेत

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच निवेशकों में डर और अनिश्चितता बढ़ गई है। इसी का असर है कि भारत का वॉलेटिलिटी इंडेक्स इंडिया वीआईएक्स बीते दो दिनों में करीब 50 प्रतिशत तक उछल गया। हालांकि 5 मार्च को इसमें करीब 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 18.91 के स्तर पर आ गया। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इंडिया वीआईएक्स क्या होता है और इसका बढ़ना बाजार के लिए क्यों चिंता की बात माना जाता है।

क्या है इंडिया वीआईएक्स
इंडिया वीआईएक्स को शेयर बाजार का वॉलेटिलिटी इंडेक्स कहा जाता है। यह बाजार में होने वाली अस्थिरता यानी उतार-चढ़ाव को मापने का एक महत्वपूर्ण पैमाना है। आसान शब्दों में कहें तो यह इंडेक्स यह बताता है कि आने वाले समय में बाजार में कितनी हलचल या जोखिम हो सकता है।

निवेशकों और ट्रेडरों के लिए यह एक अहम संकेतक माना जाता है, क्योंकि इसके बढ़ने या घटने से बाजार की मानसिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

कैसे काम करता है इंडिया वीआईएक्स
जब इंडिया वीआईएक्स का स्तर ज्यादा होता है तो यह बाजार में डर, अनिश्चितता और बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना का संकेत देता है। वहीं जब यह इंडेक्स कम स्तर पर रहता है तो माना जाता है कि बाजार अपेक्षाकृत स्थिर है और निवेशकों में भरोसा बना हुआ है।

इस इंडेक्स की गणना निफ्टी 50 के ऑप्शन प्राइस की इंप्लाइड वॉलेटिलिटी के आधार पर की जाती है। इसके कैलकुलेशन में कई कारकों को ध्यान में रखा जाता है, जिनमें स्ट्राइक प्राइस, शेयर का मौजूदा बाजार मूल्य, एक्सपायरी डेट, जोखिम मुक्त रिटर्न और बाजार की अस्थिरता शामिल हैं।

निवेशकों के लिए क्यों है अहम संकेत
शेयर बाजार में सक्रिय अनुभवी ट्रेडर और निवेशक जोखिम प्रबंधन के लिए इंडिया वीआईएक्स पर खास नजर रखते हैं। जब यह इंडेक्स स्थिर रहता है तो निवेशक अपेक्षाकृत भरोसे के साथ निवेश करते हैं, लेकिन इसमें तेज बढ़ोतरी बाजार में डर और संभावित गिरावट का संकेत मानी जाती है।

इसी वजह से विशेषज्ञों का मानना है कि वॉलेटिलिटी इंडेक्स में अचानक आई तेजी से बाजार में घबराहट बढ़ सकती है और शेयरों में गिरावट का दबाव बन सकता है।

हाल में क्यों बढ़ा वॉलेटिलिटी इंडेक्स
बाजार के आंकड़ों के अनुसार 4 मार्च को इंडिया वीआईएक्स में करीब 23 प्रतिशत की तेज उछाल दर्ज की गई और यह 21.14 के स्तर पर बंद हुआ। यह 9 मई 2025 के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर माना गया। विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण बाजार में डर बढ़ा है, जिसका सीधा असर इस इंडेक्स पर देखने को मिल रहा है।

गौरतलब है कि इंडिया वीआईएक्स को भारतीय बाजार में वर्ष 2008 में लागू किया गया था और तब से यह निवेशकों के लिए बाजार की अस्थिरता का महत्वपूर्ण संकेतक बना हुआ है।

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