लखनऊ: राजधानी लखनऊ में सड़क यातायात को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। दिसंबर 2027 तक शहर को पांच नए रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और एक अंडरपास मिलने की योजना है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से करीब 15 से 18 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। हरौनी-केसरी खेड़ा आरओबी का निर्माण कार्य इसी महीने शुरू हो चुका है, जबकि मरी माता फ्लाईओवर पर पिछले कई महीनों से वाहनों का संचालन जारी है। हालांकि, इसका औपचारिक लोकार्पण अभी नहीं हुआ है।
हरौनी-केसरी खेड़ा से लेकर मेहंदी घाट तक तेजी से बढ़ रहे निर्माण कार्य
हरौनी-केसरी खेड़ा आरओबी के अलावा मेहंदी घाट और पक्का पुल सेतु को दिसंबर 2026 तक चालू करने की योजना बनाई गई है। वहीं, खरगापुर और मलिहाबाद आरओबी को दिसंबर 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही पीएम टेक्सटाइल सेतु का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन लोक निर्माण विभाग की ओर से एप्रोच रोड तैयार नहीं होने के कारण वहां अभी तक वाहनों का संचालन शुरू नहीं हो सका है।
इंजीनियरिंग कॉलेज फ्लाईओवर भी तय समय सीमा में होगा तैयार
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड और लोक निर्माण विभाग की राष्ट्रीय राजमार्ग शाखा राजधानी को दिसंबर 2027 तक कई महत्वपूर्ण आरओबी और फ्लाईओवर की सौगात देने की तैयारी में है। उन्नाव को जोड़ने वाला साईं नदी पर बना सेतु भी पूरी तरह तैयार हो चुका है और उस पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। अधिशासी अभियंता राजकुमार पिथौरिया के अनुसार इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर बन रहा फ्लाईओवर भी दिसंबर 2027 तक तैयार कर लिया जाएगा।
जमीन पर शुरू हो चुका है कई परियोजनाओं का काम
इंजीनियरिंग कॉलेज फ्लाईओवर परियोजना के तहत कार्यदायी संस्थाओं ने निर्माण कार्य तेज कर दिया है। यहां यार्ड निर्माण के साथ फुटओवर ब्रिज हटाने का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा विभिन्न उपयोगिताओं के स्थानांतरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। सेतु निगम के अधिकारियों के मुताबिक बीते नौ वर्षों में राजधानी में कई आरओबी और फ्लाईओवर परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं।
पक्का पुल और मेहंदी घाट सेतु पर भी निर्धारित समय के अनुसार काम जारी
पक्का पुल पर बनने वाला नया सेतु लाल पुल की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। वहीं, मेहंदी घाट सेतु को दिसंबर 2026 तक तैयार करने की योजना है। अधिकारियों का कहना है कि यदि अंतिम चरण का फिनिशिंग कार्य शेष रहता है तो उसे फरवरी 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।
